Vrikshasana ke Phayde

Vrikshasana ke Phayde: वृक्षासन करने की विधि और इसके लाभ

Hi Friends! क्या आप Vrikshasana ke Phayde जानते हैं? योग का नियमित अभ्यास करने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है. वृक्षासन भी एक योगासन है, जिससे हमारे पैरों, जांघों तथा रीढ़ की हड्डियाँ मजबूत होती हैं.

शरीर को इस आसन में एक वृक्ष की आकृति जैसा स्थिर में बनाना होता है. वृक्ष की जड़ें जिस तरह सीधी होती हैं, वैसे ही हमारा शरीर सीधा हो जाता है जिससे शरीर व मन में स्थिरता आती है।

इस योगासन को आराम तथा आनंदपूर्वक करना चाहिए. अभ्यास करते समय ढीले कपडे पहनना चाहिए, ताकि आप शरीर के अंगों को आसानी से हिला-डुला सकें.

तो आज मैं आपसे Vrikshasana ke Phayde के बारे में ही बात करने जा रही हूँ कि Vrikshasana Kaise Kare? अगर आप भी वृक्षासन करने की विधि और इसके फ़ायदों के बारे में जानना चाहते हैं, तो आप यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़ें.

Vrikshasana Kya Hai?

वृक्षासन संस्कृत भाषा का शब्द है. यह दो शब्दों वृक्ष + आसन से मिलकर बना है. वृक्ष का अर्थ ‘पेड़’ होता है तथा आसन का मतलब ‘स्थिति’.

जिस तरह पेड़ सीधा खड़ा रहता है, वैसे ही इस आसन में शरीर का पूरा भार पैरों पर रखकर सीधा खड़ा रहना होता है.

Vrikshasana Karne ki Vidhi

वृक्षासन में वृक्ष की आकृति जैसा शरीर को बनाना है. जिस तरह से पेड़ स्थिर अवस्था में सीध खड़ा रहता है. वैसे ही शरीर को स्थिर और सीधा रखना है.

  • सबसे पहले आप समतल जमीन पर सीधे खड़े हो जाएँ.
  • अब शरीर का पूरा भार बांये पैर पर रखे.
  • उसके बाद अपने दायें पैर के घुटने को मोड़कर, इसके तलवे को बाएं पैर की जांघ पर रखें.
  • बायीं पैर पर पुरे शरीर का वजन को संतुलित करे और सीधे खड़े हो जाए.
  • शरीर का वजन बाएं पैर पर संतुलित हो जाय, तब दोनों हाथों को प्रणाम की मुद्रा में लाते हुए, ऊपर करें.
  • लम्बी गहरी साँस लेते हुए, प्रणाम मुद्रा में हथेलियों को सिर के ऊपर ले जाएं.
  • सिर को सीधा रखें और सामने की ओर ध्यान से देखें.
  • वृक्षासन में सीधा रहें जिस तरह से वृक्ष स्थिर रहता है.

Vrikshasana Kaise Kare?

  • अपनी क्षमता के अनुसार आप इस स्थिति में कम-कम 30 सेकंड या 1 मिनट तक रह सकते हैं.
  • यही आसन की पूर्ण स्थिति है.
  • अब आप साँस को छोड़ते हुए दोनों हाथों को सामान्य स्थिति में निचे ले आयें.
  • और दाहिने पैर को पूर्वस्थिति में जमीन पर ले जाएं.
  • इस क्रिया को अब आप दाहिने पैर पर खड़े होकर भी कर सकते हैं.

प्रतिदिन सुबह के समय वृक्षासन का अभ्यास आप कम से कम दो से तीन बार अभ्यास करें. एक दिन करने से Vrikshasana ke Phyade नहीं मिलेंगे.

पहली बार इस आसन को करेंगे, तभी कठिनाई होगी. लेकिन अभ्यास करते-करते आपको वृक्षासन सरल लगने लगेगा.

Vrikshasana ke Phayde

Vrikshasana ke Phayde

वृक्षासन कैसे करते हैं.ये जानने के बाद आपके मन में सवाल होगा कि आखिर Vrikshasana ke Labh Kya Hai?

  • इस आसन का अभ्यास करने से शारीरिक तनाव दूर होते है.
  • आसन से पैरों में लचीलापन तथा मजबूती आती है.
  • प्रतिदिन इस आसन का नियमित अभ्यास से वजन कम हो सकता है.
  • पैरों, जांघों तथा तलवे को मजबूत बनाने में वृक्षासन सहायक है.
  • वृक्षासन करने से याददाश्त बढती है और मन भी शांत रहता है.
  • खासतौर पर उन लोगों को इस आसन का अभ्यास करना चाहिए, जो लोग बहुत ज्यादा पैदल चलते हैं.
  • रक्त प्रवाह बढ़ता है, जिससे ह्रदय को अधिक मात्रा में रक्त मिलता है. इससे ह्रदय की कार्य क्षमता में वृद्धि होती है.
  • आँखों के रोगियों को आराम मिलता है.
  • अगर आपके बालों में गिरने, झडने (hairfall) या पकने जैसी समस्या हो रही है. ये सभी रोग दूर होते है.
  • मुंहासे भी इस आसन को करने से दूर होते हैं.
  • नियमित अभ्यास करने से तनाव (Depression) से राहत मिलती है.

यह आसन बच्चों के लिए काफी अधिक फायदेमंद होता है. प्रतिदिन अगर इसका अभ्यास बच्चे करते हैं, तो उनकी कद (उंचाई) में वृद्धि होती है.



Vrikshasana Karte Samay Savdhani

आप को अब अच्छे से समझ में आ गया होगा कि Vrikshasana ke Phayde Kya Hai? लेकिन लाभ उन्हें ही मिलता है जो ठीक से करते हैं. वृक्षासन करते समय हमें कुछ सावधानी भी बरतनी चाहिए है.

  • जिन्हें सिर दर्द की समस्या रहती है उसे इस आसन को नहीं करना चाहिए.
  • उच्चरक्तचाप (blood pressure) के रोगियों को इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए.
  • नींद न आने की अगर समस्या है, तो इस आसन को नहीं करें.
  • घुटनों के दर्द तथा एडियों के दर्द जैसी समस्या हो, तो अभ्यास नहीं करना चाहिए.
  • मासिक धर्म या गर्भवती अवस्था में वृक्षासन से दूर रहें.
  • अगर आसन करते समय शरीर के किसी भाग में दर्द हो, तो आसन को छोड़ दें और आराम करें.

Conclusion: Vrikshasana ke Phayde in Hindi

तो फ्रेंड्स, बस यही है Vrikshasana Benefits in Hindi. मुझे आशा है कि आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा. और अब आपको अच्छे से पता चल गया होगा कि Vrikshasana Kaise Karte Hai?

वृक्षासन करने की विधि से सम्बंधित अगर आपके मन में किसी भी तरह का कोई भी सवाल हो, तो आप हमें Comment कर जरुर बताएं. अगर आप इसी तरह के और भी Yoga Blogs in Hindi पढ़ना चाहते हैं, तो आप हमें follow कर सकते हैं.

अभी के लिए इतना ही, जल्द ही मिलेंगे किसी नए topic के साथ. Keep Reading… Keep Growing…


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