Sattu Kya Hota Hai? Health Benefits of Sattu in Hindi

1
205
Sattu ke Phayde Kya hai

सत्तू की पूरी जानकारी: Sattu Kaise Banaye?

Hi friends! क्या आपको पता है कि Sattu ke Phayde Kya Hai? तपती गर्मी ने सभी को अपनी आगोश में ले लिया है. लोग पसीने और थकन से निढाल हो रहे हैं. पंखें, कूलर, AC आदि सब फेल हो रहे हैं.

बढती गर्मी को देखते हुए बच्चों के स्कूलों में भी छुट्टियाँ घोषित कर दी गई हैं. इस गर्मी से निजात पाने के सबके अपने-अपने तरीके हैं. उत्तर भारत में लोग सत्तू का सेवन पसंद करते हैं. इसमें प्रोटीन और कैल्शियम की प्रचुरता होने के साथ ही यह सुपाच्य भी होता है.

बिहार, झारखण्ड और UP के लोगों के जीवन में रचा-बसा सत्तू प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ है, जो पचने में आसान होने के साथ ही शरीर को शीतलता भी प्रदान करता है. इसी वजह से गर्मी में ज्यदातर लोग इसका सेवन करना पसंद करते हैं. खास तौर से दूर-दराज के कस्बों तथा गाँवों में तो इसे ‘गरीबों का भोजन’ कहा जाता है.

तो आज मैं आपसे इसी विषय पर बात करने जा रहा हूँ कि Sattu Kya Hota Hai? What are the Health Benefits of Sattu in Hindi? अगर आप भी Sattu ke Phayde aur Prakaar के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़ें.

What is Sattu in Hindi?

फ्रेंड्स, सबसे पहले हम यह जानते हैं कि Sattu Kya Hota Hai? सत्तू एक प्रकार का सूखा चूर्ण पदार्थ है. इसे बालू में भूने हुए चना, मकई या जौ को आटा-चक्की में पीस कर बनाया जाता है.

खान-पान की दृष्टि से इसे कई तरह से प्रयुक्त किया जाता है. आप चाहें, तो इसे नमक या शक्कर के साथ घोल कर पिएं, चाहें तो इसे पानी, नमक, प्याज और हरी मिर्च के साथ आटे की तरह गूँथ कर खाएं या फिर इसे आटे में भर कर इसकी लिट्टी बनाएं और गरमागरम बैंगन-टमाटर की चटनी के साथ खाएं.

अपने हर रूप में सत्तू का स्वाद बेहतरीन और लाजवाब है. इसके बारे में और अधिक जानकारी के लिए आप निचे दिए हुए YouTube Video को भी देख सकते हैं.

सत्तू के प्रकार: Types of Sattu in Hindi

जिस तरह Sattu ke Phayde बहुत हैं, उसी तरह सत्तू भी कई प्रकार के होते हैं. जैसे कि चने का सत्तू, जौ का सत्तू, मकई का सत्तू, आदि.

Chane ka Sattu ke Phayde

इसमें प्रोटीन की अधिकता होती है. इसे नमक या चीनी और पानी के साथ घोल कर पिने से पेट की जलन, कब्ज, थकान, अनिद्रा में राहत मिलती है.

Sattu Kya Hai Sattu ke Phayde

Jou ka Sattu ke Phayde

जौ का सत्तू शीतल, सुपाच्य, कब्जनाशी, कफ तथा पित्त का शमन करनेवाला होता है. इसे पानी में घोल कर पिने से यह थकान, भूख, प्यास और नेत्र विकार की समस्या को दूर करता है.

जौ-गेहूं का सत्तू के फायदे

1 किलो चना, ½ किलो गेहूं और 200 ग्राम जौ को सात-आठ घंटे तक पानी में गला कर सुखाने के बाद एक साथ पिसवा कर मिला लिया जाता है. यह पोषक, सुपाच्य व कब्जनाशक होता है.

Makai ka Sattu ke Phayde

मकई के सत्तू में carbohydrate की मात्रा अधिक होती है. मकई का सत्तू अग्निवर्द्धक, बलवर्द्धक, शीतल, मधुर, ग्राही, रुचिकर और सुपाच्य होता है.



सत्तू का इतिहास: History of Sattu in Hindi

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि सभी आर्य भाषाओं में ‘सत्तू’ शब्द का प्रयोग मिलता है. सत्तू संस्कृत के सक्तु या सक्तुकः शब्द से बना है, जिसका अर्थ है अनाज को भूनने के बाद उसे पीस कर बनाया गया आटा.

भारत की लगभग सभी आर्य भाषाओं में ‘सत्तू’ शब्द का प्रयोग मिलता है, जैसे – इसे पालू प्राकृत में सत्तू, प्राकृत और भोजपुरी में सतुआ, कश्मीरी में सोतू, कुमांउनी में सातु-सत्तू, पंजाबी में सत्तू, सिन्धी में सांतू, गुजरती में सातु तथा हिंदी में सत्तू एवं सतुआ कहा जाता है.

प्राचीन भारत के खान-पान में जौ का प्रचलन अधिक था. गेहूं का उपयोग बढ़ने के बाद जौ का सत्तू के रूप में अधिक इस्तेमाल किया जाने लगा. फिर धीरे-धीरे चना और मकई के सत्तू का उपयोग भी किया जाने लगा.

Meaning of Sattu in Hindi

‘सत्तू’ शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के ‘सक्तु’ या ‘सक्तुक’ से हुई है. ‘सक्तुक’ शब्द संज् धातु में क्तिन् प्रत्यय लगने से बना है, जिसमें मिलने, जुड़ने, संयुक्त होने या संलग्न होने का भाव निहित है. इसी तरह जकड़ना, चिपकना, मिलना, जोड़ना संपर्क में आना आदि अर्थ भी इसमें निहित हैं.

सत्तू के अर्थ में भी दो या दो से अधिक अनाजों को आपस में मिलाने और पीस कर एकाकार करने का कार्य निहित होता है.



Sattu Kaise Banaye?

अब हम बात करते हैं कि सत्तू कैसे बनता है. तो मैं आपको बता दूँ कि सत्तू बनाने का तरीका बेहद आसान है.

  • इसके लिए चना/जौ/गेहूं/मकई को कुछ घंटे पानी में भिगोने के बाद उसे बालू में हल्का भूना जाता है.
  • फिर उसका छिलका हटा कर पिसवा लिया जाता है.
  • बस हो गया सत्तू तैयार!

Sattu Banane ki Vidhi के बारे में जानने के लिए आप निचे दिए हुए YouTube Video को भी देख सकते हैं.

सत्तू को ठोस और तरल – दोनों ही रूपों में उपयोग किया जा सकता है. यही नहीं आप सत्तू से कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजन भी बना सकते हैं, जैसे – सत्तू की कचौड़ी, सत्तू का परांठा, सत्तू के लड्डू, सत्तू का नमकीन या मीठा शरबत आदि.

वैसे गर्मियों में लोग चने के सत्तू को पानी, काला नामक, भूना जीरा पाउडर और निम्बू के साथ घोल कर भी पीना ज्यादा पसंद करते हैं.

Health Benefits of Sattu in Hindi

मैं आपको बताना चाहूँगा कि बाजार में बिकनेवाले कृत्रिम शीतल पेय पदार्थों की तुलना में सत्तू स्वास्थ्य के साथ-साथ पॉकेट के लिहाज से भी फायदेमंद है. यह हर वर्ग के लोगों के बजट में फिट बैठनेवाला खाद्य पदार्थ है.

इसका सेवन विशेष रूप से गर्मी के मौसम में पेट सम्बन्धी कई समस्याओं के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है.

  • गर्मी के दिनों में सत्तू का सेवन करना गर्मी के दुष्प्रभाव एवं लू की चपेट से बचाता है. यह शरीर में ठंडक पैदा करता है. यह आसानी से पचने वाला भोजन है. यह शरीर में उर्जा की कमी होने पर तुरंत उसकी पूर्ती करता है.
  • सत्तू खाने या पिने से लम्बे समय तक भूख नहीं लगती. इस तरह यह वजन कम करने में मदद करता है.
  • मधुमेह रोग तथा मोटापे से निजात दिलाने में सत्तू फायदेमंद है. एनीमिया के मरीजों को भी रोजाना सत्तू के शरबत सेवन से लाभ मिलता है.

Sattu ke Phayde/Labh

  • चने के सत्तू में minerals, iron, magnesium & phosphorus पाया जाता है जो आपके शरीर की थकान मिटाकर आपको instant energy देने का काम करता है.
  • Sattu प्रोटीन का बढ़िया स्रोत है. यह कब्ज, acidity, गैस, अपच सहित पेट की तमाम समस्याओं को ठीक करने में भी सहायक है
  • Blood Pressure के मरीजों के लिए सत्तू का सेवन काफी लाभदायक है. यह लीवर को भी मजबूत बनाता है.

Conclusion: Sattu ke Phayde aur Prakaar

तो फ्रेंड्स! बस यही है Full Information of Sattu in Hindi. मुझे आशा है कि आपको यह आर्टिकल Sattu ke Phayde aur Prakaar अच्छा लगा होगा. और अब आपको यह भी अच्छे-से पता चल गया होगा कि Sattu Kya Hota Hai? Sattu Kaise Banaye?

Health Benefits of Sattu in Hindi से सम्बंधित अगर आपके मन में किसी भी तरह का कोई सवाल हो, तो निचे Comment कर जरुर बताएं. अगर आप इसी तरह के और Health Blogs in Hindi पढना चाहते हैं, तो आप हमें follow कर सकते हैं.

अभी के लिए इतना ही, जल्द ही मिलेंगे किसी नए topic के साथ. Keep Reading… Keep Growing…


1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here