Q-Carbon Kya Hai? Formation & Uses of Q-Carbon in Hindi

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Q-Carbon Kya Hai

Diamond vs Q-Carbon Kya Hai?

Hi friends! क्या आपको पता है कि Q-Carbon Kya Hai? अगर किसी से पूछा जाये कि दुनिया का सबसे कठोर पदार्थ कौन-सा है, तो शायद अब भी उसका जवाब हीरा होगा, लेकिन ऐसा नहीं है.

दुनिया का सबसे कठोर पदार्थ Q-Carbon है जो हीरे से 40 प्रतिशत तक ज्यादा कठोर है. इसके बारे में ज्यादा लोगों को पता नही है, जो Carbon का एक Allotrope है.

तो आज मैं आपसे इसी के बारे में बात करने जा रहा हूँ कि Q-Carbon Kya Hai? यह कैसे बनता है और इसका क्या उपयोग है? अगर आप भी इसके बारे में पूरी जानकारी जानना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल Q-Carbon in Hindi अंत तक जरुर पढ़े.

What is Q-Carbon in Hindi?

फ्रेंड्स, अगर आपको पता न हो, तो मैं आपको बताना चाहूँगा कि Q-Carbon हीरे से भी ज्यादा कठोर व चमकीला है .

इसकी खोज 2015 में हुई थी. इसकी खोज करने वाले वैज्ञानिक जगदीश नारायण हैं, जो नार्थ कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी में Material Science और Engineering के प्रोफ़ेसर हैं.

पृथ्वी पर कोई ऐसा जीव नहीं है, जिसमें कार्बन नहीं है. यानि पृथ्वी पर जीवन के जो आधार तत्व हैं, कार्बन उनमें से एक है. अब इसका एक नया ही रूप सामने आया है, जिसे Q-Carbon के नाम से जाना जाता है.

Diamond vs Q-Carbon Kya Hai

Q-Carbon Kya Hai?

कार्बन (Carbon Element) कई रूपों में पाया जाता है जिसे हम Allotrope कहते है. जैसे कि Graphite, Diamond, etc.

लेकिन Q-Carbon इनसे काफी अलग है. सबसे पहली बात तो यह हीरा से भी ज्यादा कठोर और चमकीला है. दूसरा  यह Ferro-magnetic है, यानि चुम्बकीय और इलेक्ट्रॉनिक गुण भी पाए जाते हैं, जबकि कार्बन के दुसरे ठोस रूपों में ऐसा नहीं पाया जाता है.

चाहे कितनी भी हल्की-से-हल्की रोशनी क्यों न हो, उसमें भी यह पूरी चमक बिखेरता है.



Formation of Q-Carbon in Hindi

Q-Carbon Kya Hai? इसके बारे में तो आपको पता चल गया होगा. अब हम बात करते है कि Q-Carbon Kaise Banata Hai?

इसके लिए एक शीशा या प्लास्टिक पॉलीमर को लेकर कार्बन के एक रूप, जिसे amorphous carbon का कोई structure नहीं होता.

यह एक मुक्त रिएक्टिव कार्बन होता है. इसके बाद इसके ऊपर लेजर किरणों की बारिश कि जाती है. इससे इसका तापमान बढ़ कर 4000 डिग्री  कैल्विन तक चला जाता है, ठंडा होने के बाद क्यू-कार्बन की एक पतली- सी परत बनाता है.

यहाँ शीशे के बेस पर इस्तेमाल किए गए पदार्थ को बदल कर और लेजर की मात्रा से पैदा किये जाने वाले तापमान को भी घटा-बढ़ा कर वैज्ञानिक इसी तरह हीरे के कई दुसरे रूप का निर्माण भी प्रयोगशाला में कर सकते हैं.

यानि अगर देखा जाये तो Q-Carbon lab में बनने वाले हीरों के मुकाबलें काफी सस्ते हैं. क्योंकि लैब में हीरा बनाने के लिए एक खास तापमान और दबाव की जरुरत पड़ती है, जिसमें काफी खर्च आता है.

Q-Carbon Kya Hai

लेकिन Q-Carbon को नार्मल रूप Temperature और दबाव पर भी बनाया जा सकता है.



Uses of Q-Carbon in Hindi

अब हम बात करते हैं कि Q-Carbon ka Upyog Kya Hai? फिलहाल  नैनोनीडल्स या मैक्रोनीडल्स और नैनोडॉट्स बनाने के लिए हीरे का इस्तेमाल किया जाता है.

इसके अलावा औद्योगिक प्रक्रियाओं में, चिकित्सा क्षेत्र में, High Temperature Switch और Power Electronics को बनाने में भी हीरे का इस्तेमाल किया जाता है.

नैनोनीडल्स इतनी छोटी सुई होती है कि इसे नंगी आँखों से देख पाना भी संभव नहीं है. इनका इस्तेमाल Medical के क्षेत्र में किया जाता है.

अब Q-Carbon को हीरे का विकल्प समझा जा रहा है, ऐसे में भविष्य में इन चीजों को बनाने के लिए क्यू-कार्बन का इस्तेमाल किया जा सकता है.

Conclusion: Q-Carbon Kya Hai?

तो फ्रेंड्स! बस यही है Q-Carbon Full Information in Hindi. मुझे आशा है कि आपको यह आर्टिकल Q-Carbon Formation & Uses अच्छा लगा होगा. और अब आपको यह भी पता चल गया होगा कि Q-Carbon Kya Hai?

Q-Carbon से सम्बंधित अगर आपके मन में किसी भी तरह का कोई सवाल हो, तो निचे Comment कर जरुर बताएं.

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अभी के लिए इतना ही, जल्द ही मिलेंगे किसी और नए टॉपिक के साथ. Keep Reading…Keep Growing…


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