Contextual Ads vs Personalized Ads Kya Hai?

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Contextual Ads vs Personalized Ads Kya Hai

Hi friends! क्या आपको पता है कि Personalized Ads Kya Hai? आप जब भी कोई वेबसाइट विज़िट करते हैं, तो आपको कई विज्ञापन (advertisements) देखने को मिल जाते हैं, उनमें से कुछ ऐसे भी होते हैं जो आपके इंट्रेस्ट के ही होते हैं।

यदि आपने अपने कम्प्यूटर या मोबाइल पर कभी किसी ख़ास प्रोडक्ट के बारे में इंटरनेट पर सर्च किया है, तो किसी दूसरे वेबसाइट में आप ऐसे ही विज़िट करते हैं; तो अगर उसमें Google AdSense या फिर किसी दूसरे सर्विस के ऐड्स भी हैं, तो उसी प्रोडक्ट के बारे में विज्ञापन दिखेंगे।

तो आज मैं आपसे इसी विषय पर बात करने जा रहा हूँ कि Contextual Ads & Personalized Ads Kya Hai? अगर आप इन दोनों के बारे में और अधिक जानकारी जानना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल अंत तक ज़रूर पढ़ें।

Contextual Ads Kya Hai?

फ़्रेंड्स, सबसे पहले हम बात करते हैं कि Contextual Ads Kya Hota Hai? मान लीजिए कि आप share market के बारे में पढ़ने के लिए किसी वेबसाइट में जाते हैं। तो अगर उस वेबपेज पर share market या finance से सम्बंधित विज्ञापन दिखते हैं, तो उसे contextual ads कहते हैं।

वेबपेज में किस टॉपिक के बारे में बताया गया है, उसका टेक्स्ट क्या है; अगर उसी से सम्बंधित विज्ञापन दिखते हैं, तो उन्हें हम contextual ads मानेंगे।

लेकिन कई बार आप share market का वेबसाइट भी विज़िट करते हैं, लेकिन उसमें उस किसी दूसरे टॉपिक पर विज्ञापन  होते हैं। और अक्सर आपको ऐसे चीजों का ads show होगा जिनके बारे में आपने कभी इंटरनेट पर सर्च किया हो।

Personalized Ads Kya Hai?

यदि आपने कभी amazon/flipkart पर, उदाहरण के लिए, Earphones सर्च किया; तो अब आप जब भी किसी भी वेबसाइट पर जाते हैं आपको earphones के ही विज्ञपन दिखेंगे।

यहाँ तक कि अगर आप किसी health website पर भी जाते हैं, तो 95% चान्स है कि earphones का ही विज्ञापन  देखने को मिलेगा।

Personalized Ads Kya Hai

ऐसे विज्ञापनों को हम personalized ads कहते हैं, क्योंकि हर व्यक्ति (person) के लिए अलग-अलग होते हैं। ये आपके इंट्रेस्ट वाले चीजों का ही ऐड्स दिखाएँगे, जिससे आप जल्दी इन पर क्लिक करें और ख़रीदें।

Personalized Ads Kaise Aate Hai?

अब आपमें से काफ़ी लोगों के मन में एक सवाल ज़रूर होगा कि इस तरह के personalized ads आख़िर आते कैसे हैं। उन्हें पता कैसे चलता है कि इन सब चीजों के बारे में हमने सर्च किया और ये हमारे रुचि के हैं।

तो मैं आपको बताना चाहूँगा कि लगभग सभी internet browser में cookies & cache files सेव होते हैं। आप अपने इंटरनेट ब्राउज़र में क्या-क्या करते हैं, सब डेटा इन फ़ाइल्स में स्टोर होते हैं।

जब आप किसी वेबसाइट विज़िट करते हैं, तो उनमें प्रयोग किया गया advertisement service (like Google AdSense) इन कुकीज़ और कैश फ़ाइल्स को इस्तेमाल में लेते हैं, और वहाँ से आपको personalized ads दिखते हैं।

अगर आप personalized ads नहीं देखना चाहते हैं, तो आप अपने ब्राउज़र के incognito mode में जाकर इंटरनेट चला सकते हैं। वहाँ पर सिर्फ़ contextual ads ही दिखेंगे।

Conclusion: Personalized Ads in Hindi

तो फ़्रेंड्स, बस यही है Contextual Ads vs Personalized Ads Differences in Hindi. मुझे आशा है कि आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा और अब आपको यह भी अच्छे-से समझ में आ गया होगा कि Personalized Ads Kya Hai?

पर्सॉनलायज़्ड/व्यक्तिगत विज्ञापन से सम्बंधित अगर आपके मन में किसी भी तरह का कोई सवाल हो, तो नीचे Comment कर ज़रूर बताएँ। अगर आप इसी तरह के और Tech Blogs in Hindi पढ़ना चाहते हैं, तो आप हमें follow कर सकते हैं।

अभी के लिए बस इतना ही, जल्द ही मिलेंगे किसी नए topic के साथ। Keep Reading… Keep Growing… 

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