Whatsapp Pegasus Spyware Kya Hai? Mobile Virus se Bachne ke Upay [Malware]

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Pegasus Spyware Kya Hai

Hi friends! क्या आपको पता है कि Whatsapp Pegasus Spyware Kya Hai? अगर आप टेक्नॉलजी में बहुत ज़्यादा रुचि रखते हैं और टेक न्यूज़ से अप्डेटेड रहते हैं, तो इस मैलवेयर का नाम आपने ज़रूर सुना होगा।

Whatsapp ने California की संघीय अदालत में इस्त्रायली फ़र्म NSO के ख़िलाफ़ मुक़दमा दायर किया है कि उसने अमेरिका और कुछ अन्य देशों में 1400 लोगों के मोबाइल फ़ोन पर मैलवेयर भेजकर उनकी जासूसी की। इस मैलवेयर का नाम है पेगासस

तो आज मैं आपसे इसी विषय पर बात करने जा रहा हूँ कि Pegasus Spyware Kya Hai? अगर आप भी Pegasus Spyware ke Nuksan aur isse Bachne ke Upay जानना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल अंत तक ज़रूर पढ़ें।

Pegasus Spyware Kya Hai?

फ़्रेंड्स, सबसे पहले हम बात करते हैं कि यह Whatsapp Spyware Pegasus Kaise Kaam Karta Hai? तो इसमें टार्गेट यूज़र के पास एक लिंक भेजा जाता है। 

  • जैसे ही यूज़र लिंक को क्लिक करता है, उसके फ़ोन पर प्रोग्राम इंस्टॉल हो जाता है। 
  • पेगासस इंस्टॉल होने के बाद यूज़र की जानकारियाँ इसे भेजनेवाले को मिलने लगती हैं। 
  • फ़ोन के माइक्रोफ़ोन और कैमरा का इस्तेमाल भी होने लगता है। 

NSO ने कहा है कि हमारा उद्देश्य सरकारी ख़ुफ़िया और क़ानून लागू करनेवाली एजेंसियों को आतंकवाद और गम्भीर अपराध से लड़ने में मदद करने के लिए टेक्नॉलजी देना है। 

Whatsapp Pegasus Spyware Kya Hai

हमारी तकनीक मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए डिज़ाइन नहीं की गयी है।

Whatsapp Spyware Pegasus ka Pata Kaise Chala?

Pegasus Spyware Kya Hai? यह जानने के बास आपके मैन में यह सवाल ज़रूर होगा कि आख़िर इसका पता कैसे लगा? तो मैं आपको बता दूँ कि पेगासस के बारे में सबसे पहले 2016 में ख़बरें आयी थीं। 

तब UAE के एक मानवाधिकार कार्यकर्ता के फ़ोन पर एक SMS भेजकर हैक किया गया था। इसके बाद एप्पल ने अपने ऑपरेटिंग सिस्टम में एक ‘पैच’ डालकर इस दोष को दूर कर लिया था। 

सितम्बर, 2018 में टोरंटो विवि के मंक स्कूल की सिटिजन लैब ने बताया कि यूज़र की जानकारी के बगैर भी पेगासस को इंस्टॉल किया जा सकता है। 

इसे ‘Zero Day Exploit’ कहा गया। यानी कि जैसे ही किसी ऑपरेटिंग सिस्टम में मामूली-सा दोष नज़र आए, उसी वक़्त हमला। 



Pegasus Spyware se Nuksan

स्पाईवेयर पेगासस के शिकार हुए लोगों में वैश्विक स्तर पर राजनयिक, सरकारों के राजनीतिक विरोधी, पत्रकार, मानवाधिकार कार्यकर्ता और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हैं। 

जिनकी जासूसी की गयी है, उनमें भारतीय पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी शामिल हैं। Whatsapp ने यह साफ़ नहीं किया है कि किसके कहने पर पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के फ़ोन हैक किए गए। 

कम्पनी ने कहा कि मई में उसे एक ऐसे साइबर हमले का पता चला जिसमें उसकी video calling के ज़रिए एप का इस्तेमाल करनेवाले लोगों को मैलवेयर (वाइरस) भेजा गया। 

अप्रैल से मई के महीने में 20 देशों के यूज़र्स के फ़ोन हैक किए गए। कम्पनी ने भारत में इससे प्रभावित लोगों की संख्या नहीं बतायी है, लेकिन कहा है कि उनमें भारतीय यूज़र्स भी हैं।

इसे भी पढ़ें: Agent Smith Malware Kya Hai?

Pegasus Spyware se Kaise Bache?

अब हम बात करते हैं कि आप इस तरह के malware & viruses से कैसे बच सकते हैं? तो देखिए, कोई भी वाइरस अपने से नहीं आता है। उसे किसी के द्वारा भेजा जाता है और जब तक आप उसे अपने से अनुमति नहीं देते हैं, वो आपका कुछ नहीं कर पाएगा।

जब भी आपके Whatsapp, Email & Message कहीं भी कोई अनजान लिंक आए, तो झट से उस पर क्लिक न करें। पहले देखें कि क्या वह आपके काम है या फिर आपसे सम्बंधित है या नहीं?

अगर ज़रूरत न हो, तो किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। यदि आप क्लिक करते हैं तो एक तरह से आप ख़ुद उसे अपने पास बुला लेते हैं, फिर आपका फ़ोन हैक हो जाता है।

Conclusion: Pegasus Spyware Kya Hai?

तो फ़्रेंड्स, बस यही है Whatsapp Spyware Pegasus ke Nuksan & Isse Bachne ke Upay. मुझे आशा है कि आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा और अब आपको यह भी अच्छे-से पता चल गया होगा कि Pegasus Spyware Kya Hai?

पेगासस स्पाईवेयर से सम्बंधित अगर आपके मन में किसी भी तरह का कोई सवाल हो, तो नीचे Comment कर ज़रूर बताएँ। अगर आप इसी तरह के और Cyber Security Blogs in Hindi पढ़ना चाहते हैं, तो आप हमें follow कर सकते हैं।

अभी के लिए बस इतना ही, जल्द ही मिलेंगे किसी नए topic के साथ। Keep Reading… Keep Growing…


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