Online Fraud se Kaise Bache? ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय

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Online Fraud se Kaise Bache

ऑनलाइन ठगी / Online Fraud se Kaise Bache?

Hi friends! क्या आपको पता है कि Online Fraud se Kaise Bache? Technology के बढ़ते उपयोग के कारण लोग अब बढ़-चढ़ कर मोबाइल या कंप्यूटर पर इन्टरनेट के माध्यम से online banking कर रहे हैं.

Online banking में ऑनलाइन सामानों और सेवाओं की खरीद-बिक्री, ऑनलाइन गेमिंग आदि जैसे लेनदेन के व्यवहार भी शामिल हैं. इसके लिए कंपनियां अपने वेबसाइट या मोबाइल app के माध्यम से ग्राहकों को online banking करने की सुविधा प्रदान करती हैं.

इन वेबसाइट और mobile app को इस्तेमाल करते समय ग्रहाक इन कंपनियों को अपने व्यक्तिगत प्रोफाइल डाटा तक पहुँचाने की अनुमति देते रहते हैं. ये प्रोफाइल डाटा कंपनियों के विश्वास पर उनको दिया जाता है कि उनके पास यह सिमित और सुरक्षित प्रयोग के लिए जमा रहेगा.

बैंक ग्राहकों द्वारा इन्टरनेट बैंकिंग का जो डाटा जंगल तैयार किया जा रहा है, उस पर सबकी नजर टिकी हुई है. लेकिन, उस जंगल में बैंकिंग ग्राहक कितना सुरक्षित है, इस पर विचार करना बहुत ही जरुरी है.

और आए दिन आप ऑनलाइन ठगी से सम्बंधित कई घटनाएं सुने होंगे. तो आज मैं आपसे इसी विषय पर बात करने जा रहा हूँ कि Online Fraud se Kaise Bache? अगर आप भी Online Thagi se Bachne ke Upay के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़ें.

Electronic & Internet Banking in Hindi

इन्टरनेट, ऑनलाइन बैंकिंग या इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग दो तरीके से किये जा सकते हैं. पहले तरीके में कार्ड आदि की जरुरत नहीं होती. इस प्रकार की ऑनलाइन बैंकिंग में लेनदेन ID अथवा कार्ड और पासवर्ड, OTP, CVV आदि के माध्यम से किया जाता है. इसे बैंकिंग भाषा में ‘card not present’ कहते हैं.

दुसरे प्रकार के electronic लेनदेन में कार्ड का प्रयोग आवश्यक है, जैसे कि ATM से पैसे निकालना या बाजार में POS यानि Point of Sale के माध्यम से भुगतान करना.

इन दोनों प्रकार की online banking में अलग-अलग तरह के सुरक्षा उपाय अपनाए जाते हैं. बैंक और ऑनलाइन व्यवसाय करनेवाली कंपनियां लेनदेन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए नए-नए सुरक्षा उपाय लागू करती रहती हैं.

Internet Banking Online Fraud se Kaise Bache?

जिन मामलों में कार्ड की जरुरत नहीं पड़ती और बैंकिंग के लिए ID, पासवर्ड आदि की जरुरत होती है उन मामलों में फ्रॉड करनेवाले card details आदि लुभावने प्रस्ताव देकर फ़ोन, ईमेल आदि से प्राप्त कर लेते हैं या उन्हें लिंक भेजकर अपने मनचाहे वेबसाइट पर लेनदेन के लिए जाते हैं.

Online Fraud se Kaise Bache

ग्राहकों को ऐसे message को खोले बिना तत्काल डिलीट करना चाहिए. अपनी सुरक्षा के लिए आप किसी भी हालत में अपने ID पासवर्ड को किसी को भी न दें, बैंक के किसी अधिकारी या कर्मचारी को भी नहीं.



Password & Fingerprint

आजकल Payments Bank और पेमेंट को सुगम बनाने के लिए कई कंपनियां काम कर रही हैं. पेमेंट सेवा देनेवाली कई कंपनियां अपने app में घुसने के लिए fingerprint के माध्यम से ग्राहक को पहचानने की सुविधा देते हैं.

यह एक सुरक्षित उपाय है. लेकिन यह पासवर्ड आपके ऑनलाइन खाते में डकैती डालने का एक आसान रास्ता है. बैंक और पेमेंट सुविधा प्रदान करनेवाली कंपनियां ग्राहकों को mobile notifications, SMS आदि से लगातार पासवर्ड बदलने को आगाह करती रहती हैं, लेकिन यह पाया गया है कि बहुसंख्यक ग्राहक महीनों अपने पासवर्ड नहीं बदलते.

ठग उन पर, बाजार और इन्टरनेट पर लगातार नजर रखते हैं और ग्राहक के keypad पर उँगलियों की हरकत को भांप लेते हैं. सिर्फ यह आर्टिकल Online Fraud se Kaise Bache? पढने से कुछ नहीं होगा, बल्कि ऑनलाइन ठगी से बचने के उपायों को अमल भी करें.

Cyber Security Tips by Reserve Bank of India

ऑनलाइन बैंकिंग में हो रहे फ्रॉड को लेकर रिज़र्व बैंक ने बैंक ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए वर्ष 2017 में 6 जुलाई को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया है. इसे कोई भी रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर जाकर पढ़ सकता है.

अपने online banking transaction को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से ग्राहक को अपने खाते में हुए किसी भी लेनदेन या पासवर्ड प्राप्त करने के लिए SMS या email पाने के लिए मोबाइल फ़ोन और यदि हो तो e-mail पता खाते में अनिवार्य रूप से दर्ज करवाना चाहिए.

Online Fraud Compensation in Hindi

काफी लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है और फिर बहुत परेशानी होती है. तो अब हम बात करते हैं कि Online Fraud ka Paisa Vapas Kaise Milega?

इस विषय में Reserve Bank का कहना है कि अगर आपके खाते से कोई अनाधिकृत लेनदेन हुआ है और गलती या लापरवाही बैंक की है, तो बैंक इस नुकसान की पूरी भरपाई करेगा.

यदि कोई फ्रॉड बैंक या ग्राहक की गलती की वजह से न होकर सिस्टम में कहीं और से हुई गलती के कारण होता है और ग्राहक यदि उसकी सूचना तीन कार्य दिवस के अन्दर बैंक को दे देता है, तो ग्राहक को कोई नुकसान नहीं होगा, उसके खाते से हुए ऐसे किसी भी लेनदेन की पूरी भरपाई बैंक करेगा.

Online Fraud ki Bharpai Kaun Karega?

लेकिन यदि यही सूचना चार से सात कार्य दिवस में बैंक को दी जाती है, तो बैंक अलग-अलग मामलों में अधिकतम पांच हज़ार से पचीस हज़ार तक के नुकसान की भरपाई कर सकेगा.

यदि सूचना देने में देरी सात दिनों से ज्यादा होती है, तो सम्बंधित बैंक के बोर्ड से अनुमोदित policy के अनुसार नुकसान की भरपाई बैंक कर सकेगा.

अगर फ्रॉड ग्राहक की गलती जैसे पासवर्ड आदि दूसरों को बताने के कारण हुआ है, तो उसकी गलती के कारण हुए नुकसान को ग्राहक को स्वयं उठाना पड़ेगा.

लेकिन, यदि ग्राहक ने बैंक को तुरंत अपनी गलती की सूचन दे दी है और इस सूचना के बाद यदि कोई फ्रॉड होता है, तो उसकी भरपाई बैंक को करनी पड़ेगी.



Online Thagi se Bachne ka Best Tarika

ऑनलाइन बैंकिंग लेनदेन को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से लगभग सभी बैंकों ने अपने मोबाइल app में एक विशेष प्रकार की सुविधा ग्राहकों को दे रखी है.

ग्राहक जब चाहे तब अपना internet banking और डेबिट कार्ड को बंद या block कर सकता है और जब लेनदेन की जरुरत हो, तब इन्टरनेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड को अनब्लॉक कर खोल सकता है.

Online Fraud se Kaise Bache

इस तरह अगर आप भी अपने नेट बैंकिंग और ATM-cum-Debit Card को कुछ समय के लिए ब्लाक करते हैं, तो आप इन साइबर अपराधियों से बच सकते हैं.

UPI: Online Fraud se Kaise Bache?

भारत सरकार ने लेनदेन को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से BHIM App जारी किया है. यह app National Payment Corporation of India द्वारा रिसर्च कर तैयार किये गए Unified Payment Interface – UPI पर काम करता है.

अब सभी बैंक और पेमेंट कंपनी UPI का इस्तेमाल करते हैं. इस पेमेंट app को ग्राहक अपने मनचाहा नाम, मोबाइल नंबर आदि नाम से संचालित कर सकते हैं.

इस तरह का लेनदेन करते समय कभी भी उपभोक्ता का खाता नंबर सामने नहीं आएगा. और आप अपने सभी तरह के online transactions बहुत ही आसानी से कर सकते हैं.

तो अगर आपने अभी तक BHIM App पर अपना अकाउंट नहीं बनाया है, तो तुरंत ही इसे Google Play Store से डाउनलोड कीजिये और अपने बैंक अकाउंट को लिंक कर इसका लाभ उठाइए.



Phone Call Online Fraud se Kaise Bache?

अपराधी उपभक्ताओं को फ़ोन कॉल द्वारा भी ठग रहे हैं. आये दिन यह खबर आती रहती है कि उपभोक्ताओं को बैंक अधिकारी बनकर फ़ोन किया जाता है, बैंकिंग सम्बन्धी किसी स्थिति का हवाला देकर, डेबिट कार्ड नंबर पूछा जाता है, पासवर्ड (One Time Password– OTP भी), CVV हासिल करने की कोशिश होती है, और खाते से पैसे चुरा लिए जाते हैं.

इन जानकारियों के आधार पर card cloning और कार्ड बदलने सहित कई आपराधिक कारनामों को अंजाम दिया जाता है. इस तरह ठगे गए लोगों की संख्या लाखों में पहुँच चुकी है.

RBI के नियमानुसार बैंक से जुड़ा कोई भी अधिकारी उपभोक्ता का ATM Card Number, पिन कोड या ऑनलाइन बैंकिंग ID व पासवर्ड नहीं पूछ सकता है. इसलिए, इस तरह का कॉल आने की स्थिति में आपको तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए और बैंक व पुलिस से संपर्क करना चाहिए.

इसके अलावा, समय-समय पर अपना ATM का पिन कोड भी बदलना चाहिए. लाटरी या किसी किस्म के इनाम से जुड़े फ़ोन कॉल से भी सतर्क रहना चाहिए और किसी भी तरह की जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए.

Conclusion: Online Fraud se Kaise Bache?

तो फ्रेंड्स! बस यही है Mobile & Internet Banking Online Thagi se Bachne ke Upay. मुझे आशा है कि आपको यह आर्टिकल Online Banking Cyber Security Tips in Hindi अच्छा लगा होगा. और अब आपको यह अच्छे-से पता चल गया होगा कि Online Fraud se Kaise Bache?

अंत में एक बार फिर से आपको सचेत करना चाहूँगा कि किसी को भी अपने online banking & card details न दें. अपने इसी व्यवहार से आप ऑनलाइन ठगी से बच सकते हैं.

Online Fraud se Kaise Bache? इससे सम्बंधित अगर आपके मन में किसी भी तरह का कोई सवाल हो, तो निचे Comment कर जरुर बताएं. अगर आप इसी तरह के और Cyber Security Blogs in Hindi पढना चाहते हैं, तो आप हमें follow कर सकते हैं.

अभी के लिए इतना ही, जल्द ही मिलेंगे किसी नए topic के साथ. Keep Reading… Keep Growing…


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