Mahatma Gandhi Biography in Hindi: राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की जीवन गाथा

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Mahatma Gandhi Biography in Hindi

महात्मा गाँधी की जीवनी

Hi Friends! यह है Mahatma Gandhi Biography in Hindi के बारे में. महात्मा गाँधी दुनियाभर में सत्य और अहिंसा के प्रेरणास्रोत और स्वतंत्रता संघर्ष के सूत्रधार के रूप में याद किये जाते हैं. जब भी हम भारत का इतिहास पढ़ते हैं, तो स्वतंत्रता सेनानी के बारे में पढ़ते हैं. उस स्वतंत्रता सेनानी में गाँधीजी के बारे में भी पढ़ते हैं.

भारत की आजादी में महात्मा गाँधी का बहुत बड़ा योगदान रहा है. उनके मेहनत और त्यागा से ही हम सभी आज एक स्वतन्त्र राज्य में जी रहें हैं.

भारत के स्वतंत्रता सेनानी और आजादी के प्रणेता होने के कारण उन्हें राष्ट्रपिता के सम्मान से सुशोभित किया गया. उसी समय से महात्मा गाँधी भारत के राष्ट्रपिता के नाम से जाने जाते हैं.

तो आज मैं आपको Mahatma Gandhi ke Jivani के बारे में बताने जा रही हूँ. अगर आप भी Mahatma Gandhi Biography in Hindi के बारे में पढना चाहते हैं, तो आप यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़ें.

Mahatma Gandhi Essay in Hindi

फ्रेंड्स, सबसे पहले हम बात करेंगे Mahatma Gandhi ke Jivani के बारे में. महात्मा गाँधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था. उनका जन्म 2 अक्टूबर,1869 को  गुजरात के पोरबंदर (काठियावाड़) में हुआ था. उनके पिता का नाम करमचंद गाँधी तथा माता का नाम पुतलीबाई था.

उनके पिता पेशे से पोरबंदर राज्य के दीवान थें, और माता धार्मिक महिला थी. वर्ष के अधिकतर दिन वह उपवास करती थी. गांधीजी के जीवन में उनकी माता का धार्मिक प्रभाव बहुत पड़ा. जिससे वे भी धार्मिक बन गए.

Mahatma Gandhi Marriage Life in Hindi

महात्मा गाँधी अपने आदर्शों पर चलने वाले व्यक्ति थे. उनका विवाह सन 1883 में जब वे13 साल के थे, उस समय कस्तूरबा गाँधी से करा दिया गया था. उस समय कस्तूरबा सिर्फ 14 वर्ष की थी.

जब गांधीजी 15 वर्ष के हुए उस समय उनकी पहली संतान ने जन्म लिया, लेकिन वह कुछ दिन ही जीवित रही. उनके पिता करमचंद गाँधी भी इसी साल (1885) स्वर्ग सिधार गए थें. कुछ समय के बाद में मोहनदास करमचंद गाँधी और कस्तुरबा की चार संतान हुई.

पहला पुत्र का नाम हरिलाल गाँधी (1888), मणिलाल गाँधी गाँधी (1892), रामदास गाँधी (1897) और (1900)  देवदास गाँधी छोटे बेटे ने जन्म लिया.

Mahatma Gandhi ki Shiksha/ Education

Mahatma Gandhi Biography in Hindi में अब हम उनके शैक्षणिक विषय पर बात करेंगे.

महात्मा गाँधी की प्रारंभिक स्कूली शिक्षा उनके पैतृक गाँव पोरबंदर में हुई तथा हाई स्कूल की पढाई राजकोट से पूरी किये थे. शैक्षणिक स्तर पर मोहनदास एक औसत छात्र ही रहे.

मैट्रिक की परीक्षा सन (1887) में अहमदाबाद से उत्तीर्ण किये. इसके बाद उन्होंने 10+2 college में दाखिला लिए. लेकिन स्वास्थ्य ख़राब होने और मन न लगने पर वापस पोरबंदर लौटकर आ गए.

महात्मा गाँधी का दक्षिण अफ्रीका यात्रा

लन्दन में कानून की पढाई करने के बाद उन्होने कुछ दिन मुंबई में वकालत का काम खोजने की कोशिश की, फिर 1893 में दक्षिण अफ्रीका चले गए. वहां उनका सामना नस्ली भेदभाव से हुआ.

Mahatma Gandhi Biography in Hindi

दक्षिण अफ्रीका में रह रहे 60 हजार भारतियों के लिए उन्होंने Indian opinion नाम का एक अखबार निकाला. यहाँ से गाँधी जी का सामाजिक जीवन प्रारंभ हुआ था.

Mahatma Gandhi Movement in Hindi

दक्षिण अफ्रीका से वर्ष 1914 में गांधीजी भारत लौटे और 1920 में वह कांग्रेस के नेता बन गए. 1930 में नमक सत्याग्रह के रूप में उन्होंने अहिंसक आन्दोलन किया.

दांडी मार्च ने अंग्रेज सरकार को अचंभित कर दिया. उसके बाद वर्ष 1942 में गांधीजी ने पूर्ण स्वराज की माँग की, जिसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़ा. लेकिन आजादी हासिल किये बिना वे नहीं रुकें और अंत में आजादी मिल ही गयी.

Mahatma Gandhi Thoughts in Hindi

अब हम बात करेंगे Mahatma Gandhi Biography in Hindi के बारे में. उनके कुछ विचार/ मूलमंत्र इस प्रकार है-

अहिंसा

महात्मा गाँधी का पहला विचार अहिंसा था. वे कहते थे कि मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है. सत्य मेरा इश्वर है. अहिंसा उसे साकार करने का साधन है. उन्होंने कभी भी हिंसा का समर्थन नहीं किया और अहिंसा का सहारा लेकर देश को आजादी दिलाई.

सत्य

गांधीजी कहते थे कि सत्य की हमेशा जीत होती है, यहाँ तक कि जब आपके पक्ष में कम लोग हों. एक तरह से सत्य को आत्मनिर्भर कर सकते हैं. आपकों पता है कि आजादी के आन्दोलन में भाग लेने से पहले गांधीजी एक वकील थे.

ऐसा माना जाता है कि वकालत के पेशे में बगैर झूठ बोले कुछ नहीं हो सकता है. लेकिन आपको आश्चर्य होगा कि महात्मा गाँधी ने वकालत के पेशे में कभी भी झूठ का सहारा नहीं लिया.

आपस में प्रेम

वे मानते थे कि जब आपके समकक्ष कोई विरोधी आता है, तो उससे प्यार से जीत लें. यह ऐसा गुण है, जो महान लोगों में पाया जाता है. यह बुद्ध, ईसा मसीह और अन्य महान धार्मिक नेताओं में पाया जाता था. गांधीजी ने इन लोगों से इस विचार को ग्रहण किया.

आत्मविश्वास

उनका कहना था कि खुद पर विशवास करें और इससे आप विश्व को हिला सकते हैं. अगर तुम्हें पहले ही यह विश्वास हो जाए कि मैं यह काम नहीं कर सकता, तो इससे आपका आत्मविश्वास कम हो जायेगा. लेकिन जैसे विश्वास होगा कि आप यह काम कर लेंगे तो आप उस काम को जरुर कर लेंगे.

दृढ निश्चय

महात्मा गांधीजी ने कहे थें भारत जैसे विशाल देश की आजादी की लड़ाई आसान काम नहीं है और वह भी अहिंसा के रास्ते पर चलकर क्रूर ब्रिटिश सेना के खिलाफ. गांधीजी को कई बार मारा गया और कई बार उन्हें अकेला ऐसी स्थिति में छोड़ दिया गया, जब उनके शरीर से खून बह रहा था और असहनीय दर्द हो रहा था. ऐसा प्रतीत होता था कि अगले दिन की सुबह वे जीवित नहीं बच पाएंगे, लेकिन प्रत्येक दिन उन्होंने उठ कर परिस्थिति का डटकर मुकाबला किया.

क्षमा

गांधीजी का मानना था कि कमजोर लोग कभी क्षमा नहीं करते हैं. क्षमा करना मजबूत लोगों की विशेषता है. महात्मा गाँधी को जेल में डाला गया, सडकों पर पिटा गया, कई लोगों ने उन्हें मारने की साजिश रची, लेकिन उन्होंने सभी को माफ कर दिया.

गलतियों से सीखों

उनका अंतिम विचार गलती से सीखना है. वे कहते थे अपनी गलतियों से सबक लेना बिल्कुल झाड़ू की तरह है, जिससे सफाई के बाद कमरे की गन्दगी एकदम से साफ हो जाती है.

Conclusion: Mahatma Gandhi Biography in Hindi

तो फ्रेंड्स, बस यही है Mahatma Gandhi Essay in Hindi. मुझे आशा है कि आपको यह आर्टिकल Mahatma Gandhi Biography in Hindi अच्छा लगा होगा. और अब आप महात्मा गाँधी के विचार भी अच्छे से जान गएँ होंगे.

Mahatma Gandhi ki Jivani से सम्बंधित अगर आपके मन में किसी भी तरह का कोई भी सवाल हो, तो आप हमें निचे Comment कर जरुर बाताएं. अगर आप इसी तरह के और भी Informative Blogs in Hindi पढना चाहते हैं, तो आप हमें follow कर सकते हैं.

अभी के लिए इतना ही, जल्द ही मिलेंगे किसी नए topic के साथ. Keep Reading… Keep Growing…


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