Linux Kya Hai? लिनक्स का आविष्कार किसने किया?

0
44
Linux Kya Hai

लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में पूरी जानकारी 

Hi friends! क्या आपको पता है कि Linux Kya Hai? अगर आप कम्प्यूटर चलाते हैं तो आपको Microsoft Windows के बारे में पता ही होगा, जो एक operating system है। बिलकुल इसी तरह Linux भी एक ऑपरेटिंग सिस्टम है।

अब आपमें से काफ़ी लोगों के मन में एक सवाल ज़रूर होगा कि हमने तो कभी इसका इस्तेमाल किया नहीं है। वैसे, माइक्रसॉफ़्ट विंडोज़ और लिनक्स में क्या अंतर है? दोनों तो ऑपरेटिंग सिस्टम ही न हैं।

तो आज मैं आपको इसी के बारे में विस्तार से बताने जा रहा हूँ कि Microsoft Windows vs Linux Kya Hai? अगर आप भी लिनक्स का इतिहास, लिनक्स का आविष्कार किसने किया? इन सबके बारे में जानना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल अंत तक ज़रूर पढ़ें।

Linux Kya Hai?

फ़्रेंड्स, जैसा अभी मैंने आपको बताया कि लिनक्स एक कम्प्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम है, जैसे माइक्रसॉफ़्ट का विंडोज़ है। लेकिन यह open source OS है यानी निःशुल्क उपलब्ध है। Windows की तरह इसका लाइसेन्स नहीं लेना पड़ता।

Free OS होने के कारण लिनक्स के साथ पाइरेसी का भी कोई झंझट नहीं होता। इसमें anti-virus की ज़रूरत नहीं होती है। दरअसल, यह एक प्रकार का आंदोलन है, जो ज्ञान के व्यवसायीकरण के ख़िलाफ़ है। चूँकि कम्प्यूटर के ज़्यादातर काम विंडोज़ आधारित हैं, इसलिए लोग लिनक्स का इस्तेमाल करने में झिझकते हैं।

इसे इस्तेमाल करने के लिए आपको कुछ बुनियादी बातों की जानकारी की ज़रूरत होगी। लिनक्स का कोई भी ऑफ़िस नहीं है, कोई भी कम्पनी या व्यक्ति इसका मालिक नहीं है। दुनियाभर के प्रोग्रैमर इसमें अपना योगदान देते हैं।

लिनक्स का आविष्कार किसने किया?

दुनिया के इतिहास में इससे बड़ा, इस प्रकार का आंदोलन, कभी नहीं हुआ। एंडी टेनेनबाम, ऐम्स्टर्डम में कम्प्यूटर विज्ञान के प्रफ़ेसर हैं। उन्होंने मिनिक्स नाम का प्रोग्राम लिखा। इसमें कुछ कमियाँ थीं।

Linux OS Kya Hai

लिनूस टोरवाल्ड फ़िनलैंड के हेलसिंकी विश्व विद्यालय में कम्प्यूटर विज्ञान के छात्रा थे, उन्होंने मिनिक्स की कमी को दूर करने के लिए एक प्रोग्राम लिखा, जो बाद में ‘लिनूस का यूनिक्स’ या छोटे में लिनक्स कहलाया।

इसका सबसे पहला कोर या करनल उन्होंने 1991 में इंटरनेट पर पोस्ट किया। तब तक रिचर्ड स्टालमेन का ‘जीएनयू’ प्रोजेक्ट शुरू हो चुका था। लिनूस टोरवाल्ड ने इससे बहुत सारे प्रोग्राम अपने लिनक्स में लिए। इसलिए रिचर्ड स्टालमेन का कहना है कि इसे ‘जीएनयू-लिनक्स’ कहना चाहिए। लेकिन, यह नाम शायद लम्बा रहने के कारण चल नहीं पाया।

लिनक्स के सॉफ़्टवेयर के लिए प्रायोगिक तौर पर पैसा नहीं लिया जा सकता, लेकिन उसका मतलब यह नहीं है कि इससे पैसा नहीं कमाया जा सकता। बहुत सारी कम्पनियाँ इस पर सर्विस देकर पैसा कमा रही हैं और चल रही हैं। रेड हैट तथा सूसे (नौवेल) इनमें मुख्य हैं।

Conclusion: Linux Kya Hai?

तो फ़्रेंड्स, बस यही है Linux OS के बारे में कुछ ज़रूरी बातें। मुझे आशा है कि आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा और अब आपको History of Linux OS के बारे में भी थोड़ा पता चल गया होगा।

लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम से सम्बंधित अगर आपके मन में किसी भी तरह का कोई सवाल हो, तो नीचे Comment कर ज़रूर बताएँ। अगर आप इसी तरह के और Technology Blogs in Hindi पढ़ना चाहते हैं, तो आप हमें follow कर सकते हैं।

अभी के लिए बस इतना ही, जल्द ही मिलेंगे किसी नए topic के साथ। Keep Reading… Keep Growing…


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here