Polytechnic/Diploma & B.Tech me Lateral Entry Kya Hota Hai?

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Lateral Entry Kya Hota Hai

Hi friends! क्या आपको पता है कि Diploma/Polytechnic/B.Tech Course me Lateral Entry Kya Hota Hai? अगर आप कभी भी इन कोर्सेज में एडमिशन लेना चाहते हैं, तो इस टर्म से वाकिफ होना ही पड़ेगा.

अधिकतर छात्र graduation करने के बाद ऐसे short-term या post graduate diploma courses की तलाश में रहते हैं, जिसके बाद उन्हें तुरंत हाथों-हाथ नौकरी मिल जाए.

ऐसे लोग यदि master degree हासिल करना चाहते हैं, तो lateral entry के जरिये मन की मुराद पूरी कर सकते हैं. अब आपमें से काफी लोगों के मन में यह सवाल होगा कि ये Lateral Entry Kya Hai?

तो आज मैं आपसे इसी विषय पर बात करने जा रहा हूँ कि Polytechnic / Diploma / B.Tech me Lateral Entry Kya Hota Hai? अगर आप भी Lateral Entry ke Phayde जानना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़ें.

Lateral Entry Kya Hota Hai?

फ्रेंड्स, सबसे पहले Lateral Entry Meaning in Hindi की बात करें, तो वो है “बाद में एंट्री”. यदि किसी ने दशवीं के बाद तीन वर्ष का undergraduate diploma किया है, तो वह अपने उसी विषय से सम्बंधित graduation course के दुसरे वर्ष में एडमिशन ले सकता है.

सामान्य तौर पर अंडरग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स में तीन वर्ष पढाई करने का मतलब है कि उसने इंटरमीडिएट के पढ़ाई दो वर्ष के अलावा एक वर्ष की अधिक पढ़ाई की है.

यदि वे स्नातक कोर्सेज में एडमिशन लेते हैं, तो उन्हें तीन वर्ष की पढाई करनी होगी. यानि उनके एक वर्ष के पढ़ाई की गणना नहीं होगी और इससे वे और छात्रों के मुकाबले थोड़े बड़े हो जायेंगे.

जिन छात्रों ने पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा किया है और इसके बाद यदि वे मास्टर डिग्री हासिल करना चाहते हैं, तो फिर उन्हें दो वर्ष की पढ़ाई करनी होगी.

छात्रों की इन्हीं परेशानियों को देखते हुए lateral courses की शुरुआत हुई है और उन्हें डिप्लोमा कोर्स के बाद सीधे मास्टर डिग्री के दुसरे वर्ष में एडमिशन मिल जाता है.

Lateral Entry Kya Hota Hai

Importance of Lateral Entry Courses in Hindi

हममें से काफी छात्र या नौकरीपेशा लोगों के जीवन में एक बार ऐसा समय जरुर आता है, जब उसे लगता है कि वह अपने पढ़े हुए कोर्स को पूरा कर ले.

कहने का तात्पर्य यह है कि यदि किसी ने कोई अंडरग्रेजुएट डिप्लोमा किया है, ग्रेजुएट कोर्स पूरा कर ले या फिर किसी ने post graduate diploma किया है, तो वह मास्टर डिग्री हासिल कर ले.

ऐसे में उनके सामने बड़ी समस्या यह होती है कि वह कैसे अपने इस सपने को साकार करें, वह भी तब जब पढाई पूरा किये दो-चार साल बीत चुके हों.

ऐसे लोगों के लिए lateral entry के कोर्स उनकी चाहत में मददगार साबित होते हैं. लेटरल एंट्री वाले कोर्स सरकारी विश्वविद्यालय के अलावा निजी विश्वविद्यालय भी संचालित करते हैं.

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Value of Lateral Entry Kya Hota Hai?

लेटरल एंट्री क्या है? यह जानने के बाद आपमें से काफी लोगों के मन यह सवाल जरुर होगा कि Lateral Courses ki Manyata Kitni Hoti Hai?

कई छात्र इस दुनिया में होते हैं कि लेटरल एंट्री कोर्स की मान्यता सामान्य कोर्स की तरह होती है या नहीं, उन्हें जान लेना आवश्यक है कि lateral entry degree की उतनी मान्यता है, जितनी सामान्य कोर्स की.

प्रमाणपत्र पर यह नहीं लिखा होता कि आपने यह मास्टर डिग्री लेटरल एंट्री से की है या सामान्य पाठ्यक्रम के जरिये. हाँ, यह अवश्य है कि वे फाइनल मार्कशीट बनाते वक़्त प्रथम वर्ष में आये अंक भी दर्शाते हैं.

इन कोर्सेज से फायदा यह होता है कि आपने डिप्लोमा देश के किसी भी मान्यता प्राप्त संसथान से किया है, तो आप किसी भी विश्वविद्यालय में एडमिशन लेकर ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री हासिल कर सकते हैं. लेटरल एंट्री के कोर्स रेगुलर के साथ-साथ पत्राचार भी उपलब्ध हैं.



Lateral Entry me Admission Kab Hoga?

लेटरल एंट्री से सम्बंधित कोर्स सभी विषयों में नहीं होता. उन प्रोफेशनल मास्टर कोर्सेज में छात्र लेटरल एंट्री प्रवेश ले सकते हैं, जिनसे सम्बंधित विषयों में डिप्लोमा होता है.

अंडरग्रेजुएट डिप्लोमा मसलन Polytechnic Course करने के बाद छात्र B.Tech, B.E. या B.Sc. में प्रवेश लेटरल एंट्री के आधार पर ले सकते हैं. जो डिग्री प्रोग्राम दो वर्ष या तीन वर्ष का है, उसमें छात्र दुसरे वर्ष यानि तीसरे सेमेस्टर में प्रवेश ले सकते हैं.

वहीं जो डिग्री प्रोग्राम चार वर्ष का है, उसमें तीसरे या पांचवें सेमेस्टर में प्रवेश लेकर पढाई की जा सकती है. इस कारण जब तीसरा या पांचवां सेमेस्टर शुरू हो, उससे पहले एडमिशन पूरी कर लेनी चाहिए.

Lateral Entry Courses in Hindi

आप जिस भी विषय की पढ़ाई करना चाहते हैं, आपको पता लगाना होगा कि देश में कौन-कौन से विश्वविद्यालय हैं, जहाँ उस विषय से सम्बंधित लेटरल एंट्री कोर्स संचालित किये जाते हैं जहाँ प्रवेश लिया जा सकता है.

हालाँकि, ऐसे जितने भी कोर्सेज जिसमें डिप्लोमा होती है; उनमें आप lateral entry के माध्यम से उच्च शिक्षा के लिए एडमिशन ले सकते हैं. इसके लिए अच्छा होगा कि आप जिस कॉलेज में नामांकन करवाना चाहते हैं, वहां से पता करें. उसके बाद लेटरल एंट्री के फायदों का आनंद उठाईये.

Conclusion: Lateral Entry Kya Hota Hai?

तो फ्रेंड्स! बस यही है Polytechnic Diploma & B.Tech me Lateral Entry ka Mahatv. मुझे आशा है कि आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा और अब आपको यह भी अच्छे-से पता चल गया होगा कि Lateral Entry Kya Hota Hai?

अगर आप भी lateral entry courses में एडमिशन लेना चाहते हैं, तो उससे सम्बंधित अगर आपके मन में किसी भी तरह का कोई सवाल हो, तो निचे Comment कर जरुर बताएं. अगर आप इसी तरह के और Educational Blogs in Hindi पढना चाहते हैं, तो आप हमें follow कर सकते हैं.

अभी के लिए बस इतना ही, जल्द ही मिलेंगे किसी नए topic के साथ. Keep Reading… Keep Growing…


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