Kagaj ka Aavishkar Kaise Hua? कागज का आविष्कार कब और किसने किया?

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Kagaj ka Aavishkar Kaise Hua

कागज के आविष्कार का इतिहास

Hi Friends! क्या आपको पता है कि Kagaj ka Aavishkar Kaise Hua? आज के समय हमारे जीवन में कागज का उपयोग बहुत है. कागज का इस्तेमाल दुनियाभर में किया जाता है और ये हमारी रोजाना की जिंदगी का एक खास हिस्सा है.

कागज से बनी कॉपी-किताबें बच्चों की पढाई हो या बैंक, व्यापार, ऑफिस आदि का काम इसके बिना संभव नहीं है. हमारे जीवन में कागज का इतना महत्त्व है, तो जाहिर सी बात है कि हमें Kagaj ke Aavishkar ka Itihas के बारे में जानना चाहिए.

तो आज मैं आपसे इसी के बारे में बात करने जा रही हूँ कि Kagaj ka Aavishkar Kaise Hua? अगर आप भी जानना चाहते हैं, कि Kagaj ka Aavishkar Kab aur Kisne Kiya? तो आप यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़ें.

Kagaj Kaise Banata Hai?

फ्रेंड्स, सबसे पहले हम बात करेंगे कि Kagaj ka Aavishkar Kaise Hau? आखिर कागज जिस पर हम लिखने का काम करते हैं, वह किस चीज से इतना अच्छा बनता है. कागज बनाने के लिए घास-फूस, लकड़ी, कच्चे माल तथा Cellulose आधारित उत्पाद का इस्तेमाल होता है.

Kagaj ka Aavishkar Kaise Hua

कागज का आविष्कार किस देश में हुआ?

एतिहासिक तथ्यों के मुताबिक देखा जाए तो सर्वप्रथम कागज का आविष्कार चीन में हुआ था, क्योंकि सबसे पहले कागज का इस्तेमाल चीन देश में ही किया गया था. इसलिए चीन कागज के आविष्कारक के नाम से जाना जाता है.

Kagaj ka Aavishkar Kisne Kiya?

Kagaj ke Aavishkar ka Itihas से ज्ञात होता है कि 202 ईसा पूर्व हान राजवंश के समय में चीन के निवासी Tsai Lune ने कागज का आविष्कार किया था.

त्साईं-लून के इस अनोखे आविष्कार से पहले लिखने के लिए रेशम के कपडे या बांस के टुकडे का इस्तेमाल किया जाता था.

 Paper Invention History in Hindi

अब हम बात करेंगे कि आखिरकार Kagaj ka Aavishkar Kaise Hau? सबसे पहले लिखने के लिए रेशम का कपडा और बांस का इस्तेमाल किया जाता था. लेकिन रेशम का कपडा काफी महंगा और बांस बहुत भारी होता था, तभी Tsai Lune के मन में विचार आया की क्यों न कुछ ऐसा बनाया जाये जो सस्ता भी हो और वजन भी कम हो.

इसी विचार का प्रयोग करके Tsai Lune ने भांग, शहतूत, पेड़ के छाल तथा अन्य तरह के रेशों की सहायता से कागज का निर्माण किया था. यह कागज चमकीला, मुलायम, लचीला और चिकना होता था.



इसके बाद कागज का इस्तेमाल धीरे-धीरे पूरी दुनिया में होने लगा. इस उपयोगी आविष्कार के कारण ही Tsai Lune को कागज का संत भी बोला जाता है. त्साईं लून के मेहनत के कारण ही भारत में कागज का निर्माण किया गया.

Kagaj Udyog in India in Hindi

आप जान ही गए होंगे कि  Kagaj ka Aavishkar Kaise Hua? उसके बाद आप भारत के कागज कारखाने के बारे में जानना चाहते होंगे. तो मैं आपको बता दूँ कि सर्प्रथम भारत में वर्ष 1887 में कागज बनाने वाली पहली मिल स्थापित की गयी थी, जिसका नाम Tita Kagaj Mil था.लेकिन यह मिल कागज बनाने में असफल रही.

उसके बाद आधुनिक कागज का उद्योग कोलकाता में हुगली नदी के तट पर बाली नामक स्थान पर स्थापित किया गया था. इसके बाद पुरे भारत में कागज का उद्योग तेजी से फैला गया.

Paper Invention Story in Hindi

तो, अब हम कागज के आविष्कार की कहानी के बारे में बात करेंगे. चीन के बाद सिन्धु सभ्यता के दौरान भारत में ही सर्वप्रथम कागज का निर्माण और उपयोग हुआ. ऐसा माना जाता है कि इस खोज के बाद से ही पूरी दुनिया में कागज का इस्तेमाल व्यापक रूप में होने लगा था.

इसके बाद  भारत देश में सबसे पहले कागज बनाने वाली मिल कश्मीर में लगायी गयी थी, जो कश्मीर के सुल्तान जैनुल आबिदीन ने स्थापित किया था.

Conclusion: Kagaj ka Aavishkar Kaise Hua?

तो फ्रेंड्स, बस यही है Paper Invention History in Hindi. मुझे आशा है कि आपको यह आर्टिकल कागज का आविष्कार कैसे हुआ? अच्छा लगा होगा. और अब आपको अच्छे से पता चला गया होगा कागज के आविष्कार की कहानी केबारे में.

Kagaj ke Aavishkar ka itihas से सम्बंधित अगर आपके मन में किसी भी तरह का कोई भी सवाल हो, तो आप हमें निचे Comment कर जरुर बताएं.

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अभी के लिए इतना ही जल्द ही, मिलेंगे किसी नए topic के साथ. Keep Reading… Keep Growing…


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