Jesus Christ Biography in Hindi: ईसा मसीह का जन्म कब और कहाँ हुआ था?

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Isa Masih ka Jivan Parichay

Hi Friends! यह है Isa Masih ka Jivan Parichay के बारे में एक डिटेल लेख. आप सभी ईसा मसीह का तो सुने ही होगे. ईसा मसीह( यीशु मसीह) इसाई धर्म के संस्थापक थे.

Jesus Christ भी एक आम आदमी थे, वे कोई भगवान नहीं थे, फिर भी उन्होंने लोगों के लिए सेवा की और संसार के कष्टों को दूर किये.

इस कारण इनके जन्म दिन को इसाई धर्म के लोग Christmas Day त्यौहार के रूप में मानते है. यह पर्व क्रिस्चियन  धर्म के लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण और बड़ा त्यौहार है.

यीशु मसीह को सभी लोग जानते हैं, कि वे इसाई धर्म के गुरु या कहे इनके मसीहा थे. लेकिन कुछ Jesus Christ ki Kahani है जो आपको शायद मालूम नहीं होगा.

तो आज मैं आपसे Isa Masih ka Jivan Parichay के बारे में बात करने जा रही हूँ. अगर आप भी जानना चाहते हैं, Isa Masih ka Janm kab aur Kaha Hua tha? तो आप यह आर्टिकल ईसा मसीह का जीवन परिचय अंत तक जरुर पढ़े.

Yeshu Masih ka Janm Kab aur Kaha Hua tha?

फ्रेंड्स, सबसे पहले हम बात करेंगे कि आखिर Isa masih ka Janm Kis Sal Hua tha? माना जाता है कि यीशु मसीह का जन्म 4 ईसा पूर्व में रोमन साम्राज्य के बेथलेहम में 25 दिसम्बर को हुआ था. इसी कारण 25 दिसम्बर को Christmas Day के रूप में मनाया जाता है.

ईसा मसीह के पिता का नाम जोसफ और माता का नाम मरियम था. यीशु के जन्म के समय इनके माता-पिता युहुदी प्रान्त के बेथलेहम गाँव में थे. उसी समय एक रात अस्तबल में भेड़ों के बीच इनका जन्म हुआ.

ईसा मसीह के जन्म के बारे में सबसे पहले गड़ेरियों को पता चला, उस रात उनकी माता भेड़ों के साथ उनके घर में थी.

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Jesus Christ Life Story in Hindi

ईसा मसीह के जीवन की कहानी और सभी के जीवन से काफी अलग है क्योंकि यीशु का जन्म एक रहस्यमय तरीके से हुआ था. उनके जन्म के समय उनकी माता मरियम कुँवारी थी, उस समय केवल उनके माता-पिता की सगाई हुई थी और जोसफ बढ़ई का  काम करते थें.

जब माता मरियम को देवता ने आकर बोले कि आपका एक संतान होने वाला है, तभी माता मरियम यीशु के जन्म को लेकर डर गयी, कि ऐसा कैसा हो सकता है अभी हम तो कुंवारी है.

Isa Masih ka Jivan Parichay

Isa masih Kaun the?

अब हम Isa masih ka Jivan Parichay के बारे में बात करेंगे कि आखिर Jesus Christ कौन थे, जो इनका नाम इतना विख्यात है.यीशु इसाई धर्म के प्रचारक और संस्थापक थे, उसके साथ ही ये लोगों के कष्टों को दूर करने वाले थे.

बचपन से ही इनकी रूचि धार्मिक कार्यों में रहता था और वे अपनी 30 वर्ष की उम्र में ही धर्म प्रचारक और समाज सेवा जैसे कार्य करना शुरू कर दिए थे. इसी कारण यीशु को लोगों के मसीहा के रूप में जाना जाता है.

Jesus Christ Biography in Hindi.

Isa masih ka Janm Kab aur kaha Hua tha? आपको पता चल गया होगा और आपके मन में एक प्रश्न होगा कि यीशु मसीह का मृत्यु कैसे हुआ?

यीशु मसीह ने रोमन साम्राज्य के राजाओं की बात नहीं मानी थी, इस कारण उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.और उन्हें रोमन के कट्टरपंथी शासक पिलातुस को शौप दिया.

पिलातुस के सहयोगियों ने यीशु को हथोडा से बहुत मारा और अंत में उन्हें क्रूस पर लटकाया गया. जिस दिन क्रूस पर चढ़ाया गया, वह शुक्रवार का दिन था, इसलिए उस दिन को Good Friday के रूप में मनाया जाता है.

यीशु मरने के बाद रविवार को फिर से जिन्दा हो गए, इसलिए रविवार को ‘इस्टर मनाया जाता है.

Conclusion: Jesus Christ Biography in Hindi.

तो फ्रेंड्स, बस यही है Essay on Jesus Christ in Hindi. मुझे आशा है कि आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा.और अब आपको अच्छे से पता चल गया होगा Isa Masih ka Janm Kab aur Kaha Hua tha?

ईसा मसीह का जीवन परिचय से सम्बंधित अगर आपके मन में किसी भी तरह का कोई भी सवाल हो, तो आप हमें निचे Comment कर जरुर बताएं. अगर आप इसी तरह के और भी Biography Blogs in Hindi पढ़ना चाहते हैं, तो आप हमें follow कर सकते हैं.

अभी के लिए इतना ही, जल्द ही मिलेंगे किसी नए topic के साथ. Keep Reading… Keep Growing…


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