E-commerce Sites par Fake Review se Kaise Bache?

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Fake Review se Kaise bache

Paid/Fake Review se Kaise Bache?

Hi friends! क्या आपको पता है कि Fake Review se Kaise Bache? ऑनलाइन खरीदारी के दौरान अक्सर लोग product के review पर भरोसा करते हैं. अगर आप भी product review के आधार पर खरीदारी करते हैं, तो सचेत हो जाएँ, क्योंकि अब fake news की तरह ही fake reviews का चलन भी बढ़ने लगा है.

पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन खरीदारी के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ा है. अक्सर लोग ऑनलाइन खरीदारी से पहले product के review पढ़ते हैं और उसी के आधार पर उसे खरीदने का मन बनाते हैं.

आमतौर पर किसी भी प्रोडक्ट की online खरीदारी से पहले आप उसके features और specifications देखते हैं. फिर उस प्रोडक्ट की review और ratings पर नजर डालते हैं, ताकि सही और गलत चीजों का पता लगाया जा सके.

लेकिन आपको शायद मालूम नहीं होता कि जिस review और rating को आप quality का आधार मानते हैं, वह भी नकली होता है.

तो आज मैं आपसे इसी विषय पर बात करने जा रहा हूँ कि E-commerce Sites par Fake Review se Kaise Bache? Online Shopping me Products ke Fake Review se Kaise Bache? अगर आप भी इसके बारे में जानना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़ें.

Fake Review Kaise Pahchane?

फ्रेंड्स, सबसे पहले हम यह जानते हैं कि आखिर Fake Review Kya Hota Hai? जब आप कोई product online खरीदते हैं, तो सबसे पहले प्रोडक्ट का नाम, फिर features और specifications देखते हैं.

इसके बाद नीचे की ओर आपको review rating का आप्शन मिलाता है. यह स्थान उन users के लिए होता है, जिन्होंने उस प्रोडक्ट की खरीदारी की हो या फिर प्रोडक्ट के बारे में जानते हों. वे यहाँ पर अपनी राय रख सकते हैं. कोई नया खरीदार जब जाता है, तो उन reviews को जरुर देखता है, जिससे उसे product की Quality का पता चल सके.

जो भी व्यक्ति वह प्रोडक्ट बेच रहा होता है, वो चाहता है कि उसके प्रोडक्ट का भी रेटिंग अच्छा हो, ताकि ज्याद-से-ज्यादा लोग उसे खरीद सकें. इस कड़ी में वह अपने जान-परिचित लोगों से प्रोडक्ट खरीदवाता है और नकली रेटिंग डाल देता है.

Reason behind Fake Reviews on E-commerce

अब आपमें से काफी लोग यह सोच रहे होंगे कि फेक रिव्यु क्यों डाले जाते हैं? तो जैसा मैंने आपको बताया कि जितना अच्छा review मिलेगा, उसकी rating उतनी ही अच्छी हो जाती है.

जिस प्रोडक्ट की रेटिंग अच्छी अच्छी हो जाती है, खरीदार उसे लेना ज्यादा पसंद करते हैं. आजकल इसी रेटिंग को बनाने के लिए कम्पनियाँ fake review का सहारा लेने लगी हैं. वे नकली review और response डालती हैं, जिससे रेटिंग सबसे बेस्ट हो सके.

इस तरह की सबसे पहली शिकायत 2012 में आई थी. जब एक writer ने अपने novel को एक e-commerce site पर sale के लिए लिस्ट किया था. उसने एक fake reviewer को रखा जो उनके novel पर अच्छी रिव्यु देता था, जबकि उनके प्रतियोगियों के लिए नकारात्मक review लिखता था.

ऐसे में उन लोगों रेटिंग ख़राब हो गई, लेकिन बाद में सच्चाई का पता चला तो e-commerce site ने उन्हें निलंबित कर दिया.



Working: Fake Review se Kaise Bache?

कुछ e-commerce experts कहते हैं कि fake reviews के लिए फिलहाल किसी बोट app के इस्तेमाल की जानकारी तो नहीं है, लेकिन fake review डालने वाली एजेंसी कुछ लोगों को रखती हैं, जिनके पास नकली e-mail id होते हैं. इनका काम ही यही होता है कि प्रोडक्ट लिस्ट होते ही उस ID से लॉग-इन करके दो-चार शब्द का रिव्यु डालकर रेटिंग दे देते हैं.

अगर आप समझ रहे हैं कि review-rating सिर्फ प्रोडक्ट की होती है, तो गलत हैं. आजकल डॉक्टर, हॉस्पिटल, स्कूल और NGO के लिए भी फेक रिव्यु रेटिंग दी जाती है. इस बारे में टेक एक्सपर्ट तरंग गुप्ता कहते हैं, ‘e-commerce site पर रिव्यु-रेटिंग के लिए एक खास अल्गोरिथम का इस्तेमाल किया जाता है, जिसका नाम है- sentiment analysis.

Fake Review se Kaise bache

इसके तरह यूजर के रिव्यु के हिसाब से प्रोडक्ट रेटिंग बनती है, जैसे – किसी प्रोडक्ट को आपने ‘Good’ लिखा, तो उसकी +1 Rating बनी, लेकिन यदि ‘Not Good’ लिखा, तो रेटिंग -1 हो जाती है. जितने नेगेटिव शब्द आयेंगे, उनमें उतना माइनस रेटिंग होता जाएगा.

ऐसे में कंपनियां रेटिंग को बेस्ट बनाने के लिए फेक रिव्यु का सहारा लेती हैं. यहाँ भी वे काफी समझदारी से काम लेती हैं. शुरुआत के वास्तविक रिव्यु को छोड़ देते हैं, जबकि आप आगे बढ़ेंगे, तो पाएंगे कि दो-चार शब्दों की अच्छी रिव्यु उन्हें दी गई होती है, जैसे- बेस्ट प्रोडक्ट और गुड आदि.

Fake Reviews Kyo Karte Hai?

आमतौर पर कंपनियां प्रोडक्ट की रेटिंग को अच्छा करने के लिए फेक रिव्यु पोस्ट करती हैं, लेकिन इसका दूसरा फायदा है विक्रेता रेटिंग बेहतर होना. दरअसल, e-commerce shop खुद हर चीज़ को नहीं बेचती हैं, बल्कि वहां अलग-अलग विक्रेता होते हैं.

ऐसे में अच्छी प्रोडक्ट रेटिंग से सेल बढती है और इससे सेलर रेटिंग भी अच्छी हो जाती है. हालाँकि fake review का उपयोग सबसे ज्यादा कम पसंद किए जाने वाले प्रोडक्ट की सेल को बढाने के लिए किया जाता है.

अच्छा रिव्यु डालते ही उसकी रैंकिंग अच्छी हो जाती है और इससे सेल पर भी फर्क पड़ता है. इसके अलावा रेटिंग अच्छी होने से e-commerce site पर प्रोडक्ट का प्रदर्शन भी बढ़ जाती है, जिसे टेक्निकल भाषा में visibility कहते हैं. Negative Rating को कम करने के उद्देश्य से भी फर्जी रिव्यु डाले जाते हैं.



Fake Review se Kaise Bache?

मैंने आपको फेक रिव्यु से जुडी लगभग सभी बातें बता दी हैं. अब आपमें से सभी लोगों के मन में एक सवाल जरुर होगा कि Fake Review se Kaise Bache? हम यह कैसे पता करें कि कौन-सा सही रिव्यु है और कौन-सा फेक?

किसी भी rating/review में विश्वास करने से पहले आप यह देख लें कि उस प्रोडक्ट को कितने लोगों ने ख़रीदा है? अगर 10 से निचे है और सभी ने अच्छा रेटिंग दिया है, तो उसमें थोडा संदेह हो सकता है. लेकिन बहुत ज्यादा लोगों ने ख़रीदा है और उनमें से एक-दो थोडा बुरा रेटिंग है, तो समझ लेना यह सही है.

इसके साथ ही आप प्रोडक्ट के branding & company पर भी थोडा ध्यान दें. जो भी लोग रेटिंग दे रहे हैं, वे प्रोडक्ट का फोटो भी अपलोड करते हैं. तो आप यह भी सुनिश्चित कर लें कि फोटो में भी प्रोडक्ट अच्छा ही हो.

Conclusion: Fake Review se Kaise Bache?

तो फ्रेंड्स! बस यही है E-commerce Sites par Products ke Fake Review se Kaise Bache? इसके बारे में पूरी जानकारी. वैसे मैं यहाँ पर आपको एक और जरुरी बात बता दूँ कि आज के इस डिजिटल समय में YouTube पर भी लोग paid reviews करते हैं. तो इससे भी आप थोडा सावधान रहें.

Fake Review se Kaise Bache? इससे सम्बंधित अगर आपके मन में किसी भी तरह का कोई सवाल हो, तो निचे Comment कर जरुर बताएं. अगर आप इसी तरह के और Online Buying Guide Blogs in Hindi पढना चाहते हैं, तो आप हमें follow कर सकते हैं.

अभी के लिए इतना ही, जल्द ही मिलेंगे किसी नए topic के साथ. Keep Reading… Keep Growing…


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