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History of Holi in Hindi: होली की शुरुआत कैसे हुई?

History of Holi in Hindi
Written by MN Hemant

History of Holi in Hindi: होली का इतिहास

Hi friends! यह है History of Holi in Hindi के बारे में एक विस्तृत लेख. आप सभी जानते हैं कि होली भारत का एक प्रमुख त्योहार है.

होली जहाँ एक ओर सामाजिक एवं धार्मिक त्योहार है, वहीं रंगों का भी त्योहार है. बाल-वृद्ध, नर-नारी सभी इसे बड़े उत्साह से मनाते हैं.

इसमें जातिभेद-वर्णभेद का कोई स्थान नहीं होता. इस अवसर पर लकड़ियों तथा कंडों आदि का ढेर लगाकर होलिकापूजन किया जाता है फिर उसमें आग लगायी जाती है.

तो आज मैं आपसे History of Holi in Hindi के बारे में बात करने जा रहा हूँ कि Holi ka Itihas Kya Hai? The Festival of Colours: Holi Kyo Khelte Hai? अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि Holi ki Shuruaat Kaise Hui? तो यह आर्टिकल अंत तक जरुर पढ़ें.

Holi Kab Manaya Jaata Hai?

फ्रेंड्स, सबसे पहले हम यह जानते हैं कि Holi Kab Manaya Jaata Hai? तो मैं आपको बता दूँ कि ‘रंगों के त्यौहार’ के तौर पर मशहूर होली का त्योहार फाल्गुन महीने में पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है.

History of Holi in Hindi

तेज संगीत और ढोल के बीच एक दूसरे पर रंग और पानी फेंका जाता है. भारत के अन्य त्यौहारों की तरह होली भी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है.

प्राचीन पौराणिक कथा के अनुसार होली का त्योहार, हिरण्यकश्यप की कहानी से जुड़ी है. इसके बारे में अब हम History of Holi in Hindi के अंतर्गत बात करते हैं.



History of Holi in Hindi

ऐसे तो होली के सन्दर्भ में कई कथाएं हैं, लेकिन हिरण्यकश्यप का कहानी काफी प्रचलित है. मैं आपको पहले ही बता देना चाहता हूँ कि हिरण्यकश्यप को कई स्थानों पर हिरण्यकशिपू भी कहा गया है.

हिरण्यकश्यप प्राचीन भारत का एक राजा था जो कि राक्षस की तरह था. वह अपने छोटे भाई की मौत का बदला लेना चाहता था जिसे भगवान विष्णु ने मारा था.

इसलिए अपने आप को शक्तिशाली बनाने के लिए उसने सालों तक प्रार्थना की और अंत में उसे वरदान मिला; जिससे कोई भी उसे आसानी से मार नहीं सकता था.

लेकिन इससे हिरण्यकश्यप खुद को भगवान समझने लगा और लोगों से भगवान की तरह पूजा करने को कहने लगा.

इस दुष्ट राजा का एक बेटा था जिसका नाम प्रहलाद था और वह भगवान विष्णु का परम भक्त था.

प्रहलाद ने अपने पिता का कहना कभी नहीं माना और वह भगवान विष्णु की पूजा करता रहा. बेटे द्वारा अपनी पूजा ना करने से नाराज हिरण्यकश्यप ने अपने बेटे को मारने का निर्णय किया.

Holika & Prahlad Story in Hindi

हिरण्यकश्यप ने अपने बेटे प्रह्लाद को मारने का बहुत प्रयत्न किया, लेकिन भगवान विष्णु का भक्त होने के कारण वह बार-बार बच जा रहा था. तो उस राजा ने उसे सीधे आग में जला देने का निर्णय लिया.

हिरण्यकश्यप की एक बहन भी थी, होलिका, जिसे वरदान मिला था कि वह आग पर नहीं जल सकती है. उसने अपनी बहन होलिका से कहा कि वो प्रहलाद को गोद में लेकर आग में बैठ जाए.

History of Holi in Hindi Holika Dahan

उनकी योजना प्रहलाद को जलाने की थी, लेकिन उनकी योजना सफल नहीं हो सकी क्योंकि प्रहलाद सारा समय भगवान विष्णु का नाम लेता रहा और बच गया पर होलिका जलकर राख हो गई; क्योंकि यहाँ पर वरदान का गलत उपयोग किया जा रहा था.

होलिका की ये हार बुराई के नष्ट होने का प्रतीक है. इसके बाद भगवान विष्णु ने हिरण्यकश्यप का वध कर दिया. तो ये है History of Holi in Hindi के सम्बन्ध में एक कथा, जो होली को भी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बनाती है.

इसके चलते भारत के कुछ राज्यों में होली से एक दिन पहले बुराई के अंत के प्रतीक के तौर पर होली जलाई जाती है, जिसे हम होलिका-दहन के नाम से भी जानते हैं.



Colourful History of Holi in Hindi

Hiranykashyap, Holika & Prahlad की कहानी से आपको समझ में आ गया होगा कि होली के समय ‘होलिका-दहन’ क्यों किया जाता है? पर आपका एक सवाल जरुर होगा कि Holi ke din Kya Hua tha? जिसके कारण हम होली में रंग खेलते हैं.

तो अब हम Colourful History of Holi in Hindi के बारे में बात करते हैं, जो भगवान् श्रीकृष्ण से जुड़ा हुआ है. इसी के चलते हम भी होली के दिन रंग खेलते हैं.

Holi ka Itihas के बारे में और अधिक जानकारी के लिए आप निचे दिए हुए YouTube Video को भी देख सकते हैं.

Lord Krishna Holi History in Hindi

यह कहानी भगवान विष्णु के अवतार भगवान कृष्ण के समय तक जाती है. माना जाता है कि भगवान कृष्ण रंगों से होली मनाते थे, इसलिए होली का त्योहार रंगों के रूप में लोकप्रिय हुआ.

वे वृंदावन और गोकुल में अपने साथियों के साथ होली मनाते थे. वे पूरे गांव में मज़ाक भरी शैतानियां करते थे. आज भी वृंदावन जैसी मस्ती भरी होली कहीं नहीं मनाई जाती.

इसके साथ ही अगर आपने कृष्ण-लीला देखा होगा तो आप जानते होंगे कि पूतना नाम की राक्षसी भगवान श्रीकृष्ण को विषयुक्त दूध पिलाने आती है, जिसके कारण ही भगवान श्रीकृष्ण का रंग नीला हो गया है.

जब भगवान श्रीकृष्ण ने यशोदा माँ ने पूछा कि राधा इतनी गोरी और मेर रंग ऐसा क्यों है? तो यशोदा माँ ने भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि आप राधा को जिस रंग से रंगना चाहते हैं, रंग सकते हैं.

History of Holi in Hindi Lord Krishna

इस तरह History of Holi in Hindi भगवान श्रीकृष्ण के समय से भी है. और यही कारण है कि धीरे-धीरे यह एक संस्कृति बन गई और अंततः एक त्यौहार, जिसमें हम रंग खेलते हैं.

Importance of Holi in Hindi

History of Holi in Hindi के बारे में अब आपको पता चल गया होगा. अब हम ‘Holi ka Mahatva’ के बारे में बात करते हैं कि लोग होली को किस महत्ता के साथ मनाते हैं.

होली वसंत का त्यौहार है और इसके आने पर सर्दियां खत्म होती हैं. कुछ हिस्सों में इस त्यौहार का संबंध वसंत की फसल पकने से भी है.

किसान अच्छी फसल पैदा होने की खुशी में होली मनाते हैं. होली को ‘वसंत महोत्सव’ या ‘काम महोत्सव’ भी कहते हैं.



Ancient History of Holi in Hindi

होली एक प्राचीन त्यौहार है. हिंदू त्यौहारों में से एक है और यह ईसा मसीह के जन्म के कई सदियों पहले से मनाया जा रहा है.

होली का वर्णन जैमिनि के पूर्वमिमांसा सूत्र और कथक ग्रहय सूत्र में भी है. प्राचीन भारत के मंदिरों की दीवारों पर भी होली की मूर्तियां बनी हैं.

ऐसा ही 16वीं सदी का एक मंदिर विजयनगर की राजधानी हंपी में है. इस मंदिर में होली के कई दृश्य हैं जिसमें राजकुमार, राजकुमारी अपने दासों सहित एक दूसरे पर रंग लगा रहे हैं.

कई मध्ययुगीन चित्र, जैसे 16वीं सदी के अहमदनगर चित्र, मेवाड़ पेंटिंग, बूंदी के लघु चित्र, सब में अलग अलग तरह होली मनाते देखा जा सकता है.

Holi ke Rang Kaise Bante Hai?

होली के रंग पहले टेसू या पलाश के फूलों से बनते थे और उन्हें गुलाल कहा जाता था. आज के समय में पलाश का पेड़ बहुत कम देखने को मिलते हैं, फिर भी कई राज्यों में आपको बहुत पेड़ मिल जायेंगे.

History of Holi in Hindi Palash Flowers

पलाश के फूल से बना रंग त्वचा के लिए बहुत अच्छे होते थे क्योंकि उनमें कोई रसायन नहीं होता था. लेकिन समय के साथ रंगों की परिभाषा बदलती गई. आज के समय में लोग रंग के नाम पर कठोर रसायन (chemical dyes) का उपयोग करते हैं.

इन खराब रंगों के चलते ही कई लोगों ने होली खेलना छोड़ दिया है. हमें इस पुराने त्यौहार को इसके सच्चे स्वरुप में ही मनाना चाहिए, तभी तो हमारी संस्कृति बनी रहेगी.

Conclusion: History of Holi in Hindi

तो फ्रेंड्स! बस यही है Colourful Festival Holi Full Information in Hindi. मुझे आशा है कि आपको यह आर्टिकल History of Holi in Hindi अच्छा लगा होगा. और अब आपको यह भी समझ में आ ही गया होगा कि Holi ki Shuruaat Kaise Hui? Holi Kyo Khelte Hai?

Festival of Colours: History of Holi in Hindi के सम्बन्ध अगर आपके मन में किसी भी तरह का कोई सवाल हो, तो निचे Comment कर जरुर बताएं.

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MN Hemant

MN Hemant is a Hindi Tech YouTuber and Blogger from Bokaro, Ranchi, Jharkhand of India. He is a Tech-Lover, heartly passionate about Smartphones, Gadgets and Future Technology.

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