90 Hertz Display Kya Hai? What is Display Refresh Rate in Hindi?

Hi friends! क्या आपको पता है कि 90 Hertz Display Kya Hota Hai? अभी हाल-फ़िलहाल कुछ ऐसे स्मार्टफ़ोन और स्मार्ट टीवी लॉंच हुए हैं, जिनमें 90 Hertz Refresh Rate वाला डिस्प्ले का प्रयोग किया गया है।

कम्पनीयाँ इस फ़ीचर को अपने विज्ञापनों में भी काफ़ी दिखा रही हैं और इसके फ़ायदों के बारे में बात कर रही हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि आख़िर ये Display Refresh Rate Kya Hai? और आपके फ़ोन या टीवी के डिस्प्ले में इससे क्या फर्क पड़ता है?

आपमें से अधिकतम लोगों ने तो इसका नाम कभी सुना ही नहीं होगा। तो आप घबरायिए मत, आज के इस लेख में मैं आपसे इसी विषय पर बात करने जा रहा हूँ कि 90 Hertz Display क्या होता है? और इससे आपको क्या फ़ायदा होगा।

Display Refresh Rate in Hindi

फ़्रेंड्स, सबसे पहले हम यह जानते हैं कि Display Refresh Rate Kya Hota Hai? तो अगर आपको नहीं पता, तो मैन बता दूँ कि मोबाइल या टीवी के डिस्प्ले पर आपको जो भी कुछ दिखाई देता है वह कई प्रॉसेस से होकर गुजरता है। डिस्प्ले फ़ाइनल प्रॉसेस है।

इसके पहले बैकग्राउंड में इसके लिए कई तकनीकों का प्रयोग किया जाता है। इसी में एक प्रॉसेस है Render और Hertz Screen Rate को मापने का तरीक़ा। इस रेंडर की प्रक्रिया को रिफ्रेश रेट कहा जाता है अर्थात् 1 सेकंड में इमेज और ग्राफ़िक्स कितनी बार रेंडर हो रही हैं।

90 Hertz Display Kya Hai?

आसान शब्दों में 90 Hertz रिफ्रेश रेट का मतलब यह होता है कि आपका फ़ोन किसी भी चीज़ को डिस्प्ले करने से पहले उस फ़्रेम को 1 सेकंड में 90 बार रेंडर कर रहा है।

यह भले ही सुनने में आपको आसान लगे लेकिन यह काफ़ी जटिल है और इसके लिए उच्च क्षमता वाले हार्डवेयर की ज़रूरत होती है। हाल में ही कुछ ऐसे भी फ़ोन आए हैं जिनमें 120 Hertz Refresh Rate का प्रयोग किया गया है यानी फ़ोन 1 सेकंड में फ़्रेम को 120 बार रेंडर करते हैं।

90 Hertz Refresh Rate in Hindi

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Benefits of 90 Hertz/120 Hertz Display

रिफ्रेश रेट और रेंडर जानने के बाद आपके मन में यही सवाल होगा कि इससे क्या फ़ायदा है? रिफ्रेश काम हो या ज़्यादा, यूज़र को क्या फ़र्क़ पड़ता है? तो आपको बता दें कि बहुत फर्क पड़ता है।

  • फ़ोन या टीवी के डिस्प्ले पर जो आपको दिखाई देता है वह फ़्रेम आधार पर आता है और फ़्रेम की स्पीड जितनी ज़्यादा होगी, चीजें उतनी ही स्पष्ट दिखाई देंगी.
  • इसका मतलब ज़्यादा रिफ्रेश रेट होने की वजह से आपको विज़ूअल काफ़ी स्मूथ दिखाई देगा और ऐनिमेशंस में कोई लैग नहीं मिलेगा।
  • इसके साथ ही स्क्रोलिंग बेहतर होगी और प्ले बैक भी काफ़ी स्थिर रहेगा।
  • कई बार आपने देखा होगा कि गेम के ग्राफ़िक्स थोड़े अटकते हैं या visuals फटा-फटा सा लगता है।
  • ऐसे में इसके लिए फ़ोन का प्रॉसेसर और रैम ही हमेशा ज़िम्मेदार नहीं होते, बल्कि रिफ्रेश रेट का भी असर होता है।
  • ऐसे में अगर आप heavy graphics के गेम खेलते हैं, तो यह अंतर आप आसानी से समझ सकते हैं।

Price of 90 Hertz Display Smartphone & TV

इस तकनीक से लैस फ़ोन को देखकर आप कहेंगे कि फ़िलहाल 90 Hertz Rate का उपयोग महँगे फ़ोन में ही किया जा रहा है और यह बहुत हद तक सही भी है। लेकिन गेमिंग की माँग बढ़ रही है और लोग काम बजट के फ़ोन में भी high graphics वाले गेम खेलना चाहते हैं।

ऐसे में डिमांड के साथ सप्लाई भी होगा और जब प्रडक्शन बढ़ेगा तो ज़ाहिर सी बात है कि उसका असर अर्थात् सालभर के अंदर आपको 90 Hertz डिस्प्ले वाले फ़ोन काम बजट में मिलने शुरू हो जाएँगे।

Conclusion: Display Refresh Rate Kya Hai?

तो फ़्रेंड्स, बस यही है Smartphone/TV Display me Refresh Rate ka Matlab. मुझे आशा है कि आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा और अब आपको यह भी अच्छे-से पता चल गया होगा कि 90 Hertz Display Kya Hota Hai?

डिस्प्ले रिफ्रेश रेट से सम्बंधित अगर आपके मन में किसी भी तरह का कोई सवाल हो, तो नीचे Comment कर ज़रूर बताएँ। अगर आप इसी तरह के और Technical Blogs in Hindi पढ़ना चाहते हैं, तो आप हमें follow कर सकते हैं।

अभी के लिए इतना ही, जल्द ही मिलेंगे किसी नए topic के साथ। Keep Reading… Keep Growing…


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